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Tuesday, May 15, 2012

नौकरानियों और कॉल गर्ल्स वगैरह के साथ बग़ैर शादी के यौन संबंध

Hindi Section
नौकरानियों और कॉल गर्ल्स वगैरह के साथ बग़ैर शादी के यौन संबंध के औचित्य को पेश करने के लिए नकल की जाने वाली कुरान आयात पर नई बसीरत
by मोहम्मद यूनुस, न्यु एज इस्लाम
"और तुम में से जो कोई (इतनी) इस्तताअत न रखता हो कि आज़ाद मुसलमान औरतों से निकाह कर सके तो उन मुसलमान कनीज़ों से शादी कर ले जो (शरअन) तुम्हारी मिल्कियत में हैं, और अल्लाह तुम्हारे ईमान (की कैफियत) को खूब जानता है, तुम (सब) एक दूसरे के जिंस में से ही हो, पस इन (कनीज़ों) से इनके मालिकों की इजाज़त के साथ निकाह करो और उन्हें उनके महेर हस्बे दस्तूर अदा करो इससे पहले कि वो (इफ्फत कायम रखते हुए) कैदे निकाह में आने वाली हों, न बदकारी करने वाली हों और न दरपरदा आशनाई करने वाली हों, पस जब वो निकाह के हिसार में आ जायें फिर अगर बदकारी की मुर्तकिब हों तो इन पर उस सज़ा की आधी सज़ा लाज़िम है जो आज़ाद (कुंवारी) औरतों के लिए (मोक़र्रर) है, ये इजाज़ट उस शख्स के लिए है जिसे तुममें से गुनाह (के इर्तेकाब) का अंदेशा हो, और अगर तुम सब्र करो तो (ये) तुम्हारे हक़ में बेहतर है, और अल्लाह बख्शने वाला मेहेरबान है"(4:25)।

http://newageislam.com/hindi-section/नौकरानियों-और-कॉल-गर्ल्स-वगैरह-के-साथ-बग़ैर-शादी-के-यौन-संबंध-के-औचित्य-को-पेश-करने-के-लिए-नकल-की-जाने-वाली-कुरान-आयात-पर-नई-बसीरत/d/7312



Saturday, September 3, 2011

क़ुरान पाकः एक शांतिपूर्ण बहुसांस्कृतिक समाज का रक्षक, Hindi Section, NewAgeIslam.com


Hindi Section
17 Aug 2011, NewAgeIslam.Com

क़ुरान पाकः एक शांतिपूर्ण बहुसांस्कृतिक समाज का रक्षक


सुहैल अरशद, न्यु एज इस्लाम डाट काम
इस्लाम में ईमान का एक हिस्सा ये भी है कि मुसलमान आखिरी नबी पैग़म्बर मोहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) पर ईमान लाने के साथ - साथ सभी पैग़म्बरों और उन पर अवतरित हुई किताबों पर भी ईमान लायें। इस्लाम धर्म की आसमानी किताब क़ुरान मजीद ने दूसरे धर्मों और उनके खुदाओं को बुरा भला कहने से भी मना किया है। इस प्रकार क़ुरान एक बहुसांस्कृतिक समाज की वकालत करता है, जहाँ सभी धर्मों के मानने वाले शांतिपूर्ण सहअस्तित्व में विश्वास रखने वाले हों।

Friday, September 2, 2011

मुसलमानों के ख़िलाफ़ सुब्रमण्यम स्वामी के लेख का जवाब


Hindi Section
11 Aug 2011, NewAgeIslam.Com

मुसलमानों के ख़िलाफ़ सुब्रमण्यम स्वामी के लेख का जवाब


सुहैल अंजुम
जनता पार्टी के अध्यक्ष और इकलौते लीडर सुब्रमण्यम स्वामी का मुसलमानों के खिलाफ़ लिखा गया लेख ज़हर में बुझा ऐसा तीर है जिसने न सिर्फ मुसलमानों के दिलों को तकलीफ पहुँचाई है बल्कि देश के सेकुलर मस्तिष्क को भी कष्ट पहुँचाया है। यही कारण है कि इस लेख पर मुसलमानों से ज़्यादा गैरमुस्लिम बुध्दिजीवी, पत्रकारों और लेखकों ने विरोध किया और स्वामी के खिलाफ कारवाई की मांग की है। स्वामी का लेख, लेख नहीं बल्कि एक ऐसा खतरनाक बम है जिसके निशाने पर इस देश की शांति और खुशहाली है, और यदि इस ज़िंदा बम को नाकाम नहीं किया गया तो इसके बड़े ही खतरनाक और विस्फोटक परिणाम सामने आ सकते हैं।